Category Archives: कविता

Poem for Civilized words for Arguments

वो गद्दार है……….

हमारा देश हमारा स्वाभिमान है। हमारा देश हमारा गौरव है। इस महान राष्ट की अस्मिता और इसके गौरव के लिए लाखों महान सपूतों ने अपना सर्वस्व एवं अपने जीवन की आहुतियां दी है। मेने अपने शब्दों में धर्म, जीवनशैली, परिस्थितियों, निवास आदि को समेटते हुए ग़द्दारों को रेखांकित किया है। जय हिंद जय भारत

✍️ Tej